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प्रायश्चित

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  प्रायश्चित एक कस्बे में एक गरीब महिला जिसे आँखों से कम दिखता था, भिक्षा माँगकर किसी तरह अपना जीवन यापन कर रही थी। एक दिन वह बीमार हो गई, किसी दयावान व्यक्ति ने उसे इलाज के लिये 500रु का नोट देकर कहा कि माई! इससे दवा खरीद कर खा लेना। वह भी उसे आशीर्वाद देती हई अपने घर की ओर बढ़ गई। अंधेरा घिरने लगा था, रास्ते में एक सुनसान स्थान पर दो लड़के शराब पीकर ऊधम मचा रहे थे।  वहाँ पहुँचने पर उन लड़कों ने भिक्षापात्र में 500रु का नोट देखकर शरारतवश वह पैसा अपने जेब में डाल लिया, महिला को आभास तो हो गया था, पर वह कुछ बोली नहीं और चुपचाप अपने घर की ओर चली गई। सुबह दोनों शरारती लड़कों का नशा उतर जाने पर वे अपनी इस हरकत के लिये शर्मिंदा महसूस कर रहे थे।  वे शाम को उस भिखारिन को रुपये वापस करने के लिये इंतजार कर रहे थे। जब वह नियत समय पर नहीं आयी, तो वे पता पूछकर उसके घर पहुँचे, जहाँ उन्हें पता चला कि रात्रि में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गयी और दवा न खरीद पाने के कारण वृद्धा की मृत्यु हो गई थी। यह सुनकर वे स्तब्ध रह गये कि उनकी एक शरारत ने किसी की जान ले ली थी।  इससे उनके मन में स्वयं के प...

How to remain ever happy? (continued-3)

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How to remain ever happy? (continued-3) जीवन का आनन्द प्राप्त करने के लिए ‘हर पल मुस्कुराइए’   (25) दुनिया में कुछ भी अत्यावश्यक नहीं है ।  There is nothing urgent or indispensable in the world. (26) दुनिया में कुछ भी मुफ्त में नहीं मिलता ।  There is nothing free of cost  in this world. (27) काम का आनन्द लो, फल की चिन्ता न करो । Enjoy the work, don’t  worry the fruits. (28) नए बदलाव व विकास को स्वीकार करने में लचीलापन दिखाओ । Be flexible for adopting new changes and improvements. (29) लालच को दूर करो, सब वस्तुएं भगवान की संपत्ति हैं। Avoid greediness, everything belongs to God.  (30) छोटे काम भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं जितने बड़े काम ।  Small things are as important as big things. (31) किसी विषय को चुनने या निर्णय लेने में चंचलता और पागलपन न दिखाओ ।  Don't show fickle mindedness and madness in choosing or deciding something. (32) जितना ज़्यादा तुम दोगे, उतना ही ज़्यादा मिलेगा ।   The more you give, the more you get. (33) स्वार्थ को त...

How to remain ever happy? (continued-6)

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How to remain ever happy? (continued-6) जीवन का आनन्द प्राप्त करने के लिए ‘हर पल मुस्कुराइए’ (61) अच्छे फ़ोटो और तस्वीरें लगाओ।    Install good photos and pictures. (62) अपने भविष्य को जानने के लिए बहुत अधिक उत्सुक न हों। Don’t be too anxious to know your future. (63) अपनी इच्छाओं और इन्द्रिय सुख की लालसा पर नियंत्रण करो।  Check your desires and craving for sensual enjoyment. (64) धन की पागल दौड़ में आसक्त न बनो। Don’t  indulge in mad race of money. (65) अपनी सतत उन्नति का एकमात्र लक्ष्य लेकर इस दुनिया में जीओ और काम करो।   Live and work in this world with the sole aim of your constant development. (66) कोई वस्तु व्यर्थ न होने दो। Don’t waste any thing. (67) तुच्छ बातों पर उपद्रव मत करो।  .Don’t be fussy over trifles. (68) क्रोध कमज़ोरी की निशानी है।  Anger is a sign of weakness. (69) तुम दुनिया के लिए अत्यावश्यक नहीं हो।  You are not indispensable for the world. (70) अपनी कठिनाइयों या समस्याओं का दूसरों के सामने विज्ञापन न करो। 70.  Don...

How to remain ever happy? (continued-5)

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How to remain ever happy? (continued-5) जीवन का आनन्द प्राप्त करने के लिए ‘हर पल मुस्कुराइए’   (49) दुनिया को बदलने के लिए अपने आप को बदलो।   Change yourself to change the world. (50) दूसरों ने जो बुराइयां तुम्हारे साथ की हैं, उनका बदला न लो।  Don’t take revenge for the ills done by others. (51) शक और अविश्वास न करो, विश्वास करना सीखो। Avoid suspicious, doubts; have faith. (52) अपने कामों के प्रति ईमानदार, सत्यवादी और धार्मिक रहो। Be honest, truthful and righteous in your dealings.  (53) दुनिया में हर वस्तु का पक्ष और विपक्ष होता है, दुनिया प्रकृति से ही द्विसूचक होती है।  There are pros and cons in every thing of the world, world is duel in its nature. (54) अपने बच्चों को भगवान के बच्चे मानो। Consider your children as children of God.  (55) उचित रंग चुनो।   Choose appropriate colors. (56) अच्छा शारीरिक संतुलन बनाओ।  Maintain good postures. (57) मन को अच्छा लगने वाला संगीत सुनो।  Listen good soothing music. (58) जब भी तुम्हें अवसर म...

How to remain ever happy? (continued-9)

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  How to remain ever happy? (continued-9) जीवन का आनन्द प्राप्त करने के लिए ‘हर पल मुस्कुराइए’ (99) दुर्घटनाओं और दुर्भाग्यों में भी आगे बढ़ना जारी रखो।  continue to progress even in tragedies and misfortunes (100) अपने जीवनसाथी (पति या पत्नी) से सामान्य से अधिक आशाएं न रखो।  Don’t have supernormal expectations from your spouse. (101) एक बार में एक दिन को जीओ, दौड़ न लगाओ। Live One Day at a time don't rush  (102) अपने मन की गति को कम करो। Reduce the velocity of your mind  (103) क्या आपकी बातचीत प्राय: व्याकुलता और दिल को जलाने से समाप्त होती है? Does your conversation often end in irritation and heart burning? (104) एक समय में एक समस्या का सामना करो। Cope with one problem at a time  (105) अपने मन को निकम्मा मत छोड़ो, उसके सामने हमेशा कुछ लक्ष्य रखो। Don't leave your mind idol .keep always some goals before it  (106) जीवन में समस्याओं और दुर्घटनाओं की कल्पना मत करो, जब वे आ जाएं तो केवल उनका सामना करो। Don't imagine problems and mishappening in life; ju...

How to remain ever happy? (continued-8)

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How to remain ever happy? (continued-8) जीवन का आनन्द प्राप्त करने के लिए ‘हर पल मुस्कुराइए’   (86) दूसरों को हमेशा ग़लत मत समझो ।   Don’t always misunderstand others. (87) काम को पूरा करने की शक्ति को अपने आप तुम्हारे पास आने दो ।  Let power come to you on its own.  (88) बाह्य परिस्थितियां अपने आप में तनाव उत्पन्न नहीं कर सकती ।   External circumstances, on their own, can't create stress. (89) जीवन की अप्रिय घटनाओं को बड़ी आफ़त न बनाओ ।  Don't make catastrophe out of unpleasant events of life.  (90) खुशी प्राप्त करने के लिए बेकार की वस्तुओं व विचारों को छोड़ना सीखो और जाने दो । Learn to give up & let go.  (91) क्या आप अकेलापन और ऊब अनुभव कर रहे हो ?  Do you feel lonely & bored? (92) नापसंद और अस्वीकार किए जाने पर व्याकुल न हों । Don't get upset over rejection and disapproval. (93) अपनी बातों और कामों के बारे में आत्म-केन्द्रितपना या आत्म-प्रशंसा का भाव छोड़ दो ।  Eliminate self-centeredness in your talking and dealings...

How to remain ever happy? (continued-7)

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How to remain ever happy? (continued-7) जीवन का आनन्द प्राप्त करने के लिए ‘हर पल मुस्कुराइए’   (73) सभी बातों में प्रवीण होने का प्रयत्न न करो, किसी एक विषय के विशेषज्ञ बनो।   Don’t try to be master of everything, be expert in one thing. (74) स्वतंत्रतापूर्वक सहायता दो और लो।  Take and give help freely. (75) जीवन में प्रत्येक क्षण का आनन्द लो। Enjoy each moment of life.  (76) तुम इस दुनिया में हरेक से सीख सकते हो। You can learn from everybody in the world.  (77) कोई भी ऐसा काम न तो करो और न स्वीकार करो जो सबसे अच्छा न हो ।  Don’t do or accept anything which is less than the best.  (78) नम्रता और अच्छे व्यवहार को ध्यान में रखो । Observe courtesy and good mannerism. (79) किसी के लिए बुरा न सोचो, न बोलो ।   Don’t think or speak ill about anybody. (80) हम सब आपस में जुड़े हुए हैं ।  We are all connected to each other.  (81) तुलना मत करो ।   Don’t compare. (82) स्वतंत्र बनो, अपने निर्णय खुद लो । . Be independent. Take your...

How to remain ever happy? (continued-4)

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  How to remain ever happy? (continued-4) जीवन का आनन्द प्राप्त करने के लिए ‘हर पल मुस्कुराइए’   (37) दूसरों से उम्मीद करना छोड़ दो।  37. Reduce your expectations from others. (38) सांसारिक वस्तुओं को इकट्ठा करना कम कर दो। Reduce collection of worldly things. (39) समस्याएं जीवन का अविभाजित अंग हैं। Problems are an integral part of life.  (40) जितना तुमने संसार से लिया है, उससे ज्यादा दो।  Give the world more than what you take from it. (41) जीवन की सीमाओं से ऊपर उठो। Be above limitations of life.  (42) अपने तन को अच्छा पोषण दो।  Regulate your diet for your mental well being.  (43) प्रतिदिन व्यायाम करो।  Do regular exercise. (44) अपनी दिनचर्या में आराम को शामिल करो।   Include rest and relaxation phases in your routine. (45) अपनी नींद की गुणवत्ता को बढ़ाओ।   Improve quality of your sleep. (46) शारीरिक बीमारियों से ऊपर उठो।  Remain above diseases of the body. (47) मृत्यु के डर को भगाओ।   Avoid fear of death. (4...

How to remain ever happy? (continued-1)

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   How to remain ever happy? (continued-1) जीवन का आनन्द प्राप्त करने के लिए ‘हर पल मुस्कुराइए’ (1) एकाग्रता  Concentration (2) अलगाव और विस्मृति  Detachment & Forgetfulness (3) योजनाबद्ध विचार  Planned thinking (4) सकारात्मक सोच  Positive Thinking (5) भावों की उलझन को कम करो, घटनाओं को सहजता से स्वीकार करो।   Reduce emotional involvement, take things easy.  (6) जीवन की समस्याओं और कठिनाईयों का स्वागत करो, वे तुम्हारी भलाई के लिए हैं।   Welcome difficulties and problems of life, they are for your good. (7) प्रत्येक कार्य के लिए कोई कारण होता है। अचानक या घटनाश कुछ नहीं होता।    There is a reason for everything. Nothing happens by chance or by  accident (8) मौन, एकान्त व आत्म-निरीक्षण    Silence, solitude and self-introspection (9) डर को त्यागो।   Avoid Fears (10) कभी हीन भावना न रखो; जो काम अन्य कर सकते हैं, वह तुम भी कर सकते हो  Don't have inferiority complex. What others can do, you can ...

How to remain ever happy? (continued-2)

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How to remain ever happy? (continued-2) जीवन का आनन्द प्राप्त करने के लिए ‘हर पल मुस्कुराइए’    (13) जब मन व्याकुल हो तो उसी समय प्रतिक्रिया मत करो।   Don't react immediately when disturbed. (14) भूतकाल के प्रति खेद न करो, भविष्य के प्रति चिन्तित न हों।   Brooding over past and worrying for future. (15) तुम अपने भाग्य के मालिक हो।  You are master of your destiny. (16) दूसरों को सन्तुष्ट करने से पहले अपने आप को सन्तुष्ट करो।  Self-satisfaction before satisfaction of others. (17) अपनी कमियों को स्वीकार करो और पहचानो ।  Accept  and  recognize your weaknesses.  (18) व्यर्थ की बातों से ग्लानि करने से अपने अवचेतन मन को मत भरो ।   Don’t fill your sub-conscious mind with all sorts of garbage. (19) जब तक पूछ न जाए तब तक दूसरों की आलोचना करने व टिप्पणी या नसीहत देने से बचो । Avoid making remarks / comments / advice to others unless asked.  (20) अहंकार और कर्त्तापन के भाव से बचो ।  Eliminate ego and doer ship feeling. ...

आज की कहानी

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  आज की कहानी यह एक पत्नी द्वारा अपने पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद लिखी गई अत्यंत भावुक और शिक्षाप्रद चिट्ठी है, जिसका हिंदी अनुवाद नीचे प्रस्तुत है:- एक पत्नी की चिट्ठी - पति की दुर्घटना में मृत्यु के बाद (यह एक सच्ची घटना पर आधारित है) “पति की मृत्यु के बाद मैंने जो कुछ सीखा” हम हमेशा मानते हैं कि हम हमेशा जिएंगे। बुरी घटनाएँ हमेशा दूसरों के साथ होती हैं। लेकिन जब वही हादसा हमारे सिर पर आ गिरता है, तब समझ आता है कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है। मेरे पति एक आईटी प्रोफेशनल थे - पूरे तकनीकी। और मैं एक चार्टर्ड अकाउंटेंट। आप सोच सकते हैं कि ये एक बेहतरीन जोड़ी है। मेरे पति टेक्निकल थे, तो उनकी जिंदगी की हर चीज उनके लैपटॉप में थी।  उनकी “टू-डू लिस्ट”, ई-बिल्स, बैंक स्टेटमेंट्स, यहाँ तक कि उन्होंने “IMPWDS” नाम का एक फोल्डर बना रखा था, जिसमें उनके सारे लॉगिन आईडी और पासवर्ड्स थे। यहाँ तक कि लैपटॉप पर भी पासवर्ड था। सभी पासवर्ड्स अल्फान्यूमेरिक और स्पेशल कैरेक्टर्स वाले थे - यानी तोड़ना नामुमकिन। ऑफिस की पॉलिसी थी कि हर 30 दिन में पासवर्ड बदलना होता था। मैं हर बार उनसे पूछती - “इस बार क्...

प्रभु नाम का जाप

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प्रभु नाम का जाप  एक बार एक गांव में बहुत से महात्मा आकर यज्ञ कर रहे थे और वह वृक्षों के पत्तों पर चंदन से  श्री कृष्ण का नाम लिखकर पूजा कर रहे थे। वह जगह गांव से बाहर थी। वहां एक आदमी अपनी बकरियों को  रोज घास चराने जाता था। साधु हवन यज्ञ करके वहां से जा चुके थे, लेकिन वह पत्ते वहीं पड़े रह गए। तभी घास चरती बकरियों में से एक बकरी ने वो कृष्ण नाम रूपी पत्तों को खा लिया। जब आदमी सभी बकरियों को घर लेकर गया, तो सभी बकरियां अपने बाडे में जाकर 'मैं - मैं' करने लगी लेकिन वह बकरी, जिसने कृष्ण नाम को अपने अंदर ले लिया था, वह 'मैं - मैं' की जगह 'कृष्ण - कृष्ण' करने लगी, क्योंकि उसके अंदर कृष्ण वास करने लगे थे। उसका 'मैं' यानी अहम तो अपने आप ही दूर हो चुका था ! जब सब बकरियां उसको कृष्ण कृष्ण कहते सुनती हैं तो वह कहती हैं  - यह क्या कह रही हो? अपनी भाषा छोड़ कर यह क्या बोले जा रही है। मैं - मैं बोल।  तो वह कहती है - कृष्ण नाम रूपी पत्ता मेरे अंदर चला गया। मेरा तो "मैं" भी चला गया।  सभी बकरियां उसको अपनी भाषा में बहुत कुछ समझाती, परंतु वह टस से मस ना हुई और...

भाग्य और कर्मफल

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 भाग्य और कर्मफल रामदीन बेहद गरीब था। बचपन से आज तक का उसका जीवन अभावों में ही बीता था। समय के साथ माता.पिता छोड़ गए, किन्तु गरीबी ने नहीं छोड़ा। शादी हो गई, बच्चे हो गए; सब आए, मगर भाग्य लक्ष्मी न आई। रामदीन बेहद दुःखी रहता। कई बार सोचता आत्मघात कर लूं। मगर पत्नी और बच्चों का ख्याल करके ऐसा नहीं कर पाता था। ऐसा भी नहीं था कि वह निकम्मा था या कामचोर था, खूब मेहनत करता था, किन्तु मेहनत का फल नहीं मिल पाता था। एक दिन उसका एक पुराना मित्र शंकर शहर से आया तो उसके शाही ठाठ.बाट देखकर रामदीन को बड़ा आश्चर्य हुआ। शंकर कुछ साल पहले तक गांव में फटे.पुराने कपड़े पहने फिरा करता था, जिसके घर में खाने के लिए रोटी भी नहीं थी, आज वही शंकर कितना धनवान बन गया था। शंकर उसके घर आया तो बच्चों को रोते देखकर बोला - अरे रामदीन! तेरी जिन्दगी नहीं बदली! देख तो! तूने घर की क्या हालत बना रखी है, बच्चे भूख से तड़प रहे हैं। क्या करूं, शंकर भाई? मैं तो खुद ही इस जीवन से तंग आ गया हूँ। यह गरीबी मेरा पीछा ही नहीं छोड़ती। रामदीन! अब तुम मेरे साथ शहर चलोगे। ठीक है। मैं तुम्हारे साथ शहर चला चलूंगा, भाई। तो ठीक है। तू कल ही...