सच्ची मदद
सच्ची मदद एक नन्हा परिंदा अपने परिवार-जनों से बिछड़ कर अपने आशियाने से बहुत दूर आ गया था । उस नन्हे परिंदे को अभी उड़ान भरने अच्छे से नहीं आता था… उसने उड़ना सीखना अभी शुरू ही किया था ! उधर नन्हे परिंदे के परिवार वाले बहुत परेशान थे और उसके आने की राह देख रहे थे । इधर नन्हा परिंदा भी समझ नहीं पा रहा था कि वह अपने आशियाने तक कैसे पहुंचे? वह उड़ान भरने की काफी कोशिश कर रहा था, पर बार-बार कुछ ऊपर उठ कर गिर जाता। कुछ दूर से एक अनजान परिंदा अपने मित्र के साथ ये सब दृश्य बड़े गौर से देख रहा था। कुछ देर देखने के बाद वो दोनों परिंदे उस नन्हे परिंदे के करीब आ पहुंचे। नन्हा परिंदा उन्हें देख कर पहले घबरा गया, फिर उसने सोचा - शायद ये उसकी मदद करें और उसे घर तक पहुंचा दें। अनजान परिंदा – क्या हुआ, नन्हे परिंदे? काफी परेशान हो ? नन्हा परिंदा – मैं रास्ता भटक गया हूँ और मुझे शाम होने से पहले अपने घर लौटना है। मुझे उड़ान भरना अभी अच्छे से नहीं आता। मेरे घर वाले बहुत परेशान हो रहे होंगे। आप मुझे उड़ान भरना सीखा सकते है? मैं काफी देर से कोशिश कर रहा हूँ, पर कामयाबी नहीं मिल पा रही है। अनजान पर...