दुनिया एक नाटक है
दुनिया एक नाटक है ( 11-4-2026) सरिता जैन, सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका, हिसार की लेखनी द्वारा Sung by- Bindu Jain, Delhi धुन - तेरी याद में जल कर देख लिया, अब आग में जल कर देखेंगे..... ये दुनिया तो इक नाटक है, यह भूल गया तो क्या होगा, हंसते-रोते जीवन बीता, तो इस नर भव का क्या होगा? नाटक में अटक गया गर तू, फिर कुछ भी न कर पाएगा। यूँ सुबह हुई और शाम हुई, फिर रात का आलम क्या होगा? ये दुनिया तो...... दर्शक दीर्घा में बैठा है, और मंच पे नाटक चलता है। सुखान्त हुआ तो हंसने लगा, दुःखान्त हुआ तो क्या होगा? धीरे-धीरे परदा उठता, इक प्यारा-सा बच्चा दिखता। माँ-बाप का वही सहारा था, वह टूट गया तो क्या होगा? ये दुनिया तो...... नाटक में वर्षा होने लगी, तेरा तन-मन भी भीग गया, पर तेज धूप ने जला दिया, ऐसी वर्षा से क्या होगा? नाटक में बच्चा बड़ा हुआ, पत्नी संग जीवन चलने लगा, पति बीच भँवर में छोड़ गया, परिवार के दुःख का क्या होगा? ये दुनिया तो...... माँ-बाप रहे न जीवन-भर, सबकी यादों में रोती रही, तुम भी संग-संग में रोने लगे, अब उसकी गुज़र का क्या होगा? इक घर उसने भी बनाया था, इक घर तुमने ...