We must give hold of our life to GOD.
अपने जीवन की डोर अपने आराध्य को सौंप दो। We must give hold of our life to our adorable GOD. संसार में प्रत्येक प्राणी अपने छोटे से जीवन का भरपूर आनंद लेना चाहता है। इसके लिए कोई परिश्रम किए बिना और धन को खर्च किए बिना हमें मात्र निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना है - - अपनी बुद्धि, मन व विचारों को अपने आराध्य को समर्पित कर दो। - हमारा मन ही अपने विचारों द्वारा बुद्धि और विवेक पर प्रहार कर के इन्द्रियों से अपनी इच्छानुसार कार्य करवाता है। जब हम अपना मन भगवान को अर्पित कर देंगे, तो हमारा प्रत्येक कार्य उन्हीं के द्वारा निर्देशित होगा। जैसे एक माँ अपने असहाय नवजात शिशु की सभी आवष्यकताओं व सुविधाओं का ध्यान रखती है उसी प्रकार भगवान अपने प्रतिनिधि गुरु के रूप में हमारी पात्रता के अनुसार सुख-सुविधाओं का ध्यान रखेंगे और हम अपने जीवन को आनन्दपूर्वक व्यतीत कर उन्नति के पथ पर अग्रसर हो सकेंगे। इसीलिए कहा गया है- “अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में, है जीत तुम्हारे हाथों में और हार तुम्हारे हाथों में।” एक बार एक शिष्य ने अपने गुरु से पूछा, "गुरुदेव, जीवन में शांति औ...