Reduce your expectations.
दूसरों से उम्मीद करना छोड़ दो। Reduce your expectations from others. किसी से भी किसी भी प्रकार की उम्मीद न करो। उदाहरण के लिए तुम्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि वह तुम्हारा पुत्र है, उसे तुम्हारे लिए यह करना चाहिए; वह तुम्हारा रिश्तेदार है अतः उसे तुम्हारे लिए वह करना चाहिए या तुमने उसके लिए इतना किया तो उसे भी कम से कम तुम्हारे लिए इतना तो करना ही चाहिए। उम्मीद का बोझ सुमित एक बहुत ही संवेदनशील और मददगार व्यक्ति था। वह अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से बहुत उम्मीदें रखता था। उसका मानना था कि अगर वह दूसरों की मदद करता है, तो मुसीबत में वे भी उसके लिए खड़े होंगे। एक बार सुमित ने अपना एक बहुत ज़रूरी काम अपने सबसे करीबी दोस्त राहुल पर छोड़ दिया, यह सोचकर कि राहुल तो उसका अपना है, वह काम ज़रूर करेगा। सुमित ने खुद उस काम के लिए कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं किया। जब समय आया, तो पता चला कि राहुल ने वह काम किया ही नहीं। सुमित को बहुत नुकसान हुआ। वह टूट गया और उसने राहुल से कहा, “तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया? मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं थी।“ राहुल ने शांति से कहा, “सुमित, गलती मेरी नहीं, तुम्...