जीवन बदल देने वाली कहानी..
जीवन बदल देने वाली कहानी.... रवि एक मध्यम वर्गीय परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता एक सरकारी स्कूल में अध्यापक थे,और माँ एक घरेलू महिला। जब रवि दस साल का था,उसके पिता की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उस दिन से उसके जीवन में अंधेरा उतर आया था। माँ ने सिलाई का काम शुरू किया,और रवि को पढ़ाई में जोड़े रखा। रवि समझ गया था कि अब उसके कंधों पर न केवल अपनी ज़िंदगी, बल्कि माँ की उम्मीदों का भी भार है। वह बचपन से ही पढ़ाई में होशियार था। उसने ठान लिया था कि वह बड़ा होकर एक दिन अफसर बनेगा- एक ऐसा बेटा जो माँ के सारे दुःख मिटा सके। स्कूल खत्म हुआ, कॉलेज भी किसी तरह पूरा किया गया, और फिर उसने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। रवि सुबह चार बजे उठता,मंदिर में जाकर दीप जलाता- और फिर किताबों में डूब जाता। उसे केवल एक चीज़ दिखाई देती थी- सफलता। पर पहली बार में असफल हुआ। माँ ने कहा, “कोई बात नहीं बेटा, भगवान पर भरोसा रखो।” वह फिर जुट गया। पर दूसरी बार भी नतीजा वही निकला। अब रिश्तेदारों ने ताने मारना शुरू कर दिए। कोई कहता-“इससे नहीं होगा”, कोई हँसते हुए कहता- “...