Don't imagine problems
जीवन में समस्याओं और दुर्घटनाओं की कल्पना मत करो, जब वे आ जाएं तो केवल उनका सामना करो। Don't imagine problems and mishappening in life, just face them as they come. कुछ लोग भविष्य में आने वाली समस्याओं की कल्पना करने में बहुत सा समय बिता देते हैं या व्यर्थ में गवां देते हैं, जैसे कहीं ऐसा या वैसा उनके जीवन में घटित न हो जाए। इस सम्बन्ध में कृपया याद रखो कि जीवन में आने वाली समस्याओं और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का, जब वे आएं, तब केवल उनका सामना किया जाना चाहिए। एक व्यक्ति को भविष्य की संभावित समस्याओं पर लगातार मन को केन्द्रित नहीं करना चाहिए। उदाहरण के लिए, यह मत सोचो कि ‘यदि मुझे केंसर हो गया तो क्या होगा? यदि मेरे बच्चे मुझे बुढ़ापे में अकेला छोड़ गए, तो क्या होगा? यदि मेरी नौकरी छूट गई तो क्या होगा?’ आदि। वास्तव में तुम पाओगे कि तुम्हारी कल्पना की हुई 99ः% बातें कभी घटित नहीं होती। वे केवल तुम्हारे शंकाग्रस्त मन और व्यर्थ की कल्पनाओं की उपज हैं। जैसा पहले बताया गया है, यदि कोई दुर्घटना घट भी जाय तो तुम्हारे अंदर हमेशा उन्हें संभालने की ताकत होनी चाहिए। ...