How to remain ever happy?
How to remain ever happy? जीवन का आनन्द प्राप्त करने के लिए ‘हर पल मुस्कुराइए’ Life is full of choices....and I choose happiness. इस महत्वपूर्ण मनोरंजक विषय पर विस्तृत विचार विनिमय प्रारम्भ करने से पहले, हमें इस वास्तविकता को समझना होगा कि खुशी और उदासी मूल रूप से हमारे मन व मस्तिष्क पर निर्भर है। यह मन-मस्तिष्क की वह अवस्था है जो बाहरी परिस्थितियों और घटनाओं पर आवश्यक रूप से निर्भर नहीं है। अन्य शब्दों में - यह हमारे भीतर से आती है, बाहर से नहीं। दो व्यक्ति एक ही परिस्थिति पर अलग-अलग प्रतिक्रिया कर सकते हैं। जहां एक व्यक्ति अत्यधिक तनावग्रस्त व बैचेन हो सकता है, दूसरा उस परिस्थिति के प्रति शांति व खुशी की स्थिति को बनाए रख सकता है। अतः हमारी खुशी या उदासी को निश्चित करने वाली बाहरी परिस्थितियां नहीं हैं, अपितु उन परिस्थितियों के प्रति हमारा रुख व मानसिक रूप से प्रतिक्रिया है। यदि हम कहें कि जीवन में मानसिक स्थिति ही सब कुछ है तो यह एक अतिशयोक्ति नहीं होगी। व्यक्ति को जीवन जीने की कला आनी चाहिए। जीने का अर्थ दिन काटना नहीं है। किसी को यह मत समझाओ कि क्रोध मत करो, बल्कि यह सिखाओ क...