Enjoy your work
काम का आनन्द लो, फल की चिन्ता न करो। Enjoy your work, don't worry about the fruits. जो काम तुम कर रहे हो उसमें आनन्द लेना सीखो, क्यांकि फल तुम्हारे हाथ में नहीं है और वह केवल भगवान के हाथ में है। तुम्हें अपनी ख़ुशी के लिए फल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। मान लो तुम कहते हो कि तुमने कठिन परिश्रम किया था, लेकिन फिर भी तुम्हें अब तक फल नहीं मिला। तुम अपना दिमाग़ इस विश्लेषण में क्यों लगाना चाहते हो? इसका विश्लेषण करना भगवान का काम है। एक शहर में एक गरीब रिक्शा चालक था, रामू। उसका जीवन हर रोज़ कमाने और खाने में बीतता था। उसके पास न धन था, न सुविधाएँ, लेकिन उसका मन शांत रहता था। वह अपने काम को बोझ नहीं, बल्कि अपनी ज़िम्मेदारी समझता था। एक दिन, बहुत मेहनत के बाद, रामू ने पाँच रुपये बचाए। यह उसके लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। उसने घर जाकर अपनी पत्नी को वे पैसे दिए और कहा, “यह हमारी मेहनत के बचे हुए पैसे हैं, इन्हें संभाल कर रखना, यह कभी काम आएँगे।“ उस दिन रामू के चेहरे पर जो मुस्कान थी, वह किसी अमीर के चेहरे पर भी मुश्किल से मिलती थी। उसी शहर में एक और व्यक्ति था, मोहन; जो एक बड़े दफ्तर में काम ...