Learn to adjust
समायोजन और समझौता करना सीखो। Learn to adjust and compromise. प्रत्येक व्यक्ति की यह इच्छा होती है कि जीवन में सभी बातें वैसी ही होनी चाहिएं, जैसी वह चाहता है और यह कि दुनिया उसके प्रति दयालु और ईमानदार होनी चाहिए। लोग उसके साथ आदर व विनम्रता का व्यवहार करें और यह कि केवल उसके विचार और दृष्टिकोण ही स्वीकार किए जाने चाहिएं और लागू किए जाने चाहिएं। पर दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं है और ऐसा कभी हो भी नहीं सकता। यह संसार बहुत पेचीदा है और इसे केवल तुम्हारे और मेरे मन की चंचलताओं और आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नहीं बनाया गया है। संसार कुछ विशेष योजनाओं और दैवीय नियमों के अनुसार दौड़ रहा है और किसी की इच्छाओं और आवश्यकताओं के अनुसार नहीं। पुराना पेड़ और नई हवा एक नदी के किनारे एक बहुत पुराना और विशाल बरगद का पेड़ था। वह अपनी मजबूती पर बहुत घमंडी था। वहीं पास में ही एक छोटी-सी, लचीली घास भी उगी हुई थी। एक दिन जोर का तूफान आया। बरगद का पेड़ अपनी अकड़ में खड़ा रहा, उसने सोचा कि वह तूफान का मुकाबला करेगा। उसने लचीलापन नहीं दिखाया, वह झुका नहीं। नतीजा यह हुआ कि जब हवा और तेज हुई, तो बरगद का पेड़ जड़ से ...