world is duel in its nature.
दुनिया में हर वस्तु का पक्ष और विपक्ष होता है, दुनिया प्रकृति से ही द्विसूचक होती है। There are pros and cons in every thing of the world, world is duel in its nature. यह संसार की परिभाषा है कि वह प्रकृति से ही द्वैत है अर्थात् हर बात के दो पहलू हैं जैसे-दिन-रात, जीवन-मृत्यु, गर्मी-सर्दी, नर-मादा, जवान-बूढ़ा, ख़ुशी-ग़म, सुख-दुःख, संयोग-वियोग। ये दोनों पहलू एक दूसरे से अलग नहीं किए जा सकते। ये सांसारिक वस्तुओं की प्रकृति से ही निर्मित हुए हैं। ये एक सिक्के के दो पहलू हैं। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि कोई वस्तु जो तुम्हें ख़ुशी देती है, वह दुःख भी अवश्य देगी। कोई व्यक्ति या वस्तु, जिसके साथ तुम्हारा संयोग हुआ है, उसका वियोग भी अवश्य होगा या तुम्हें लाभ हुआ है तो तुम्हें कभी न कभी हानि भी सहन करनी होगी। अंधेरा और रोशनी एक गाँव में एक बूढ़ा किसान रहता था। उसके पास एक ही घोड़ा था। एक दिन, उसका घोड़ा जंगल में भाग गया। गाँव वाले आए और बोले, “यह तो बहुत बुरा हुआ!“ किसान ने शांत भाव से कहा, “पता नहीं, क्या अच्छा है और क्या बुरा।“ अगले दिन, उसका घोड़ा वापस आ...