जीवन को O.K. बनाओ (प्रेरणात्मक लेख)
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दुःख को सुख में बदलने की कला
जीवन को O.K. बनाओ (प्रेरणात्मक लेख)
Odd को Off करो
जीवन में कुछ बातें ऐसी होती हैं जो हमें अच्छी नहीं लगती। ऐसी विचित्र, बेढंगी, बदसूरत, दुःख देने वाली बातों से तुरन्त बिना विलम्ब किए छुटकारा पाने की कोशिश करो। इसके बने रहने से जो सुख तुम्हारे पास था, वह Off हो जाएगा और दुःखों का Switch on हो जाएगा। दुःखों का Switch on हो तो Odd परिस्थितियों को जन्म देता है, उसे अपना प्रभाव दिखाने से पहले ही Off कर दो।
क्या आप जानते हैं कि क्या Off करना है और क्या On करना है?
सबसे पहले यह सुनिश्चित करो कि किस-किस बात से तुम्हारी शांति खंडित होती है, प्रसन्नता नष्ट होती है, दिनचर्या प्रभावित होती है या सम्बन्ध बिगड़ते हैं? गुस्सा, निन्दा, चुगली, किसी की बुराई करना, ये सब Odd हैं। इनको Off करना है।
Odd को Off कैसे करें
जब तुम अपने घर की सफ़ाई करते हो तो पुराने और फालतू सामान को, जिससे तुम्हारे घर में गंदगी फैलती है, उसे घर से बाहर निकाल देते हो इसी प्रकार यदि जीवन का रस लेना है तो पुरानी प्रवृत्तियों को दिल-दिमाग़ से बाहर निकालो। जीवन को दुःखी करने वाले ढर्रे को बदलो। इसके बिना नया सुखी जीवन शुरू नहीं हो पाएगा।
ऐसा नहीं हो सकता कि पुराना भी चलता रहे और नया भी शुरू हो जाए। On और Off दोनों Mode एक साथ नहीं चल सकते। आनन्द लेना है तो अवसाद को Off करना ही पड़ेगा। अभी तक जो भोग-विलास, राग-रंग, मौज-मस्ती में आनन्द माना, उसकी परिणति दुःख और अशांति में ही हुई है। अब धार्मिक कार्य, समाज सेवा करके देखो, कितना सुख और शांति मिलती है।
Oppose न करो
किसी को Support न कर पाएं तो कोई बात नहीं, पर किसी के विरुद्ध कोई बात न करो। मौन की भी अपनी एक भाषा होती है। यदि बार-बार Oppose करोगे तो वे आत्मीय भी प्रतिद्वन्द्वी बन जाएंगे।
Observe करो
स्वयं को Observe करना शुरू करो। आत्मावलोकन करो कि मुझमें क्या कमियां हैं, क्या खूबियां हैं। हम अपनी प्रवृत्तियों का, अपने व्यवहार का Self Observation करें। यह जीवन में बदलाव घटित करने का अचूक मंत्र है।
Operation करो
Self Observation से जो निष्कर्ष निकले, उसका Operation करो। उसको क्रियान्वयन करो। केवल यह कहने से काम नहीं चलेगा कि मुझमें ये कमियां हैं। उनको सुधारने के लिए Operation भी करना होगा। उन सुधारवादी विचारों को Activate भी करना होगा।
Obligation का भाव बनाए रखो।
माता-पिता के प्रति समर्पण व आदर का भाव, गुरु व प्रभु के प्रति श्रद्धा का भाव, समाज व परिवार के प्रति Obligation का भाव सदा बनाए रखो।
आप Observation और Operation का काम शुरू करो, Obligation का भाव अपने आप आ जाएगा।
Out करो
Out का अर्थ है - बाहर। इसमें सफलता पाने के लिए कुछ बातों को Out करना होगा और कुछ से स्वयं Out होना होगा। Out करने व होने में बहुत अन्तर है। अपने अन्दर की बुराइयों को Out करो और स्वयं को उन बातों, परिस्थितियों, व्यक्तियों और वस्तुओं से दूर रखो, जिनसे जीवन में उलझनें पैदा होती हैं, जो जीवन की खुशी को अवसाद में बदल देती हैं।
हमारे जीवन की एक विडम्बना है कि हमें जिस काम के लिए मना किया जाता है, उसे करने में हमारी उत्सुकता और भी बढ़ जाती है।
एक व्यक्ति प्रतिदिन अपने घर के बाहर खड़ा होकर दातुन करता था और एक घुमावदार Arch जैसे सींगों वाला सांड रोज़ उसके सामने से गुज़रता था। उसे वे सींग बहुत आकर्षक लगते थे। वह सोचता कि ऐसे सींग उसके सिर पर होते, तो वह कैसा लगता? पर क्या मेरा सिर उन सींगों में आ सकता था? उसने अपने मित्रों से अपने मन की बात कही कि मेरा मन करता है, एक बार मैं अपना सिर उन सींगों में फंसा कर देखूं तो उन्होंने उसे मना किया कि ऐसा तो भूलकर भी न करना। तुम्हारी हड्डी-पसली एक हो जाएगी। पर वह अब स्वयं को Control नहीं कर पा रहा था और एक दिन उसने सांड को सामने से पकड़ ही लिया। अब तो जो करना था, सांड ने वही किया।
ऐसे ही हम सुबह से शाम तक न जाने कितने सांडों के सींगों में अपना सिर फंसाते रहते हैं। इसका तात्पर्य यही है कि बिना बात की बातों में रुचि लेकर अपना जीवन व्यर्थ न करो, जिनसे तुम्हें कुछ हासिल होने वाला नहीं है।
Obstacles से Out होइए
न किसी के लिए बाधा बनिए और न अपने मार्ग में आने वाली बाधाओं से डरिए।
Offence को Out कीजिए
अत्याचार, दमन, पीड़ा को जीवन से Out कीजिए। न किसी पर अत्याचार करो और न सहो।
Over से बचें
अपने हर काम को परिपूर्णता से करो। आधे-अधूरे काम से जीवन में लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो सकती।
Over का अर्थ ‘अति’ भी होता है।
अति सर्वत्र वर्जयेत्।
सबसे पहने Over Load से बचना होगा। अपने पर विचारों का अति भार न लादें। मोबाइल में भी अत्यधिक Load पड़ने पर वह Hang हो जाता है और जब तक फालतू Load Delete न किया जाए, वह नए Message लेने से मना कर देता है।
Over Duty से बचें - लोग व्यापार या Service में Over Duty करते हैं जिससे उनके Mental और Physical Health पर बुरा असर पड़ता है।
Over Estimste से बचें - जितनी पूंजी हो, उतना ही लेन-देन करो। पूंजी है 1 करोड़ की, लगा दिए 10 करोड़, बैंक से Loan लिया। चुका पाए नहीं और अपने 1 करोड़ भी गवाँ बैठे। करोड़पति को रोडपति बनने में देर नहीं लगती।
Over Confidence से बचें
यह सबसे ज़्यादा खतरनाक है और जीवन के लिए बहुत बड़ा अभिशाप है। मैं गाड़ी चला सकता हूँ, यह Confidence है और मैं आँख बंद करके गाड़ी चला सकता हूँ, यह Over Confidence है।
आशा है कि आप उपरोक्त बिंदुओं पर विचार करेंगे और अपने जीवन में Apply करेंगे तो आपका जीवन O.K. रहेगा।
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सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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