समस्या का सामना

  समस्या का सामना ही समाधान


एक बार बनारस में स्वामी विवेकनन्द जी मां दुर्गा जी के मंदिर से निकल रहे थे कि तभी वहां मौजूद बहुत सारे बंदरों ने उन्हें घेर लिया। वे उनसे प्रसाद छीनने लगे। वे उनके नजदीक आने लगे और डराने भी लगे। स्वामी जी बहुत भयभीत हो गए और खुद को बचाने के लिए दौड़ कर भागने लगे। वे बन्दर तो मानो पीछे ही पड़ गए और वे भी उनके पीछे पीछे दौड़ने लगे।

पास खड़े एक वृद्ध संन्यासी यह सब देख रहे थे। उन्होनें स्वामी जी को रोका और कहा, “रुको! डरो मत, उनका सामना करो।” वृद्ध संन्यासी की यह बात सुनकर स्वामी जी तुरंत पलटे और बंदरों के तरफ बढने लगे। उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा, जब उनके ऐसा करते ही सभी बन्दर तुरंत भाग गए। उन्होनें वृद्ध संन्यासी को इस सलाह के लिए बहुत धन्यवाद किया।

शिक्षा - इस घटना से स्वामी जी को एक गंभीर सीख मिली और कई सालों बाद उन्होंने एक सम्बोधन में इसका जिक्र भी किया और कहा, “यदि तुम कभी किसी समस्या से भयभीत हो, तो उससे भागो मत, पलटो और सामना करो।” वाकई, यदि हम भी अपने जीवन में आई समस्याओं का सामना करें और उनसे भागें नहीं, तो बहुत.सी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

सदैव प्रसन्न रहिये!!

जो प्राप्त है-वो पर्याप्त है!!

द्वारा--सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

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धन्यवा     


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