संपर्क (Contact) और जुड़ाव (Connection)

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संपर्क (Contact) और जुड़ाव (Connection)

Image by Christophe BILLARD from Pixabay

एक बड़े पत्रकार एक साधु का न्यूयार्क में Interview ले रहे थे। 

पत्रकार - Sir, आपने अपने Last Lecture में संपर्क (Contact) और जुड़ाव (Connection) पर स्पीच दिया लेकिन यह बहुत Confuse करने वाला था। क्या आप इनका अंतर समझा सकते हैं?

साधु मुस्कुराए और उन्होंने कुछ अलग प्रश्न पत्रकारों से ही पूछने शुरू कर दिए। 

“आप न्यूयॉर्क से हैं?“

पत्रकार - “Yeah..“

संन्यासी - “आपके घर में कौन-कौन हैं?“

पत्रकार को लगा कि साधु उनका सवाल टालने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उनका सवाल बहुत व्यक्तिगत और उसके सवाल के जवाब से अलग था।

फिर भी पत्रकार बोला - मेरी माँ अब नहीं है, पिता हैं तथा 3 भाई और एक बहन है। सब शादीशुदा हैं।“

साधु ने चेहरे पर मुस्कान लाते हुए पूछा - “आप अपने पिता से बात करते हैं?“

पत्रकार के चेहरे से गुस्सा झलकने लगा।

साधू ने पूछा, “आपने अपने Father से Last Time कब बात की थी?“

पत्रकार ने अपना गुस्सा दबाते हुए जवाब दिया - “शायद एक महीने पहले।“

साधू ने पूछा - “क्या आप भाई-बहन अक्सर मिलते हैं? आप सब आखिर में कब मिले एक परिवार की तरह?“

इस सवाल पर पत्रकार के माथे पर पसीना आ गया कि Interview मैं ले रहा हूँ या यह साधु?

ऐसा लगा कि साधु ही पत्रकार का Interview ले रहा है।

एक आह के साथ पत्रकार बोला - “Chrismas पर 2 साल पहले।“

साधु ने पूछा - “कितने दिन आप सब साथ में रहे?“

पत्रकार अपनी आँखों से निकले आँसुओं को पोंछते हुये बोला - “3 दिन।“

साधु - “कितना वक्त आप भाई-बहनों ने अपने पिता के बिल्कुल करीब बैठ कर गुज़ारा?”

पत्रकार हैरान और शर्मिंदा दिखा और एक कागज़ पर कुछ लिखने लगा।

साधु ने पूछा - “क्या आपने पिता के साथ नाश्ता, लंच या डिनर लिया? क्या आपने अपने पिता से पूछा कि वे कैसे हैं? माता की मृत्यु के बाद उनका वक्त कैसे गुज़र रहा है?”

साधु ने पत्रकार का हाथ पकड़ा और कहा - “शर्मिंदा या दुःखी मत होना। मुझे खेद है अगर मैंने आपको अनजाने में चोट पहुँचाई हो, लेकिन यही आपके सवाल का जवाब है। 

“संपर्क और जुड़ाव में अन्तर।“ 

आप अपने पिता के सिर्फ संपर्क (Contact) में हैं पर आपका उनसे कोई जुड़ाव (Connection) नहीं है।

You are not connected to him.

आप अपने Father से संपर्क में हैं, जुड़े नहीं हैं।

Connection हमेशा आत्मा से आत्मा का होता है।

Heart से Heart का होता है।

एक साथ बैठना, भोजन साझा करना और एक दूसरे की देखभाल करना, स्पर्श करना, हाथ मिलाना, आँखों का संपर्क होना, कुछ समय एक साथ बिताना। आप अपने पिता, भाई और बहनों के संपर्क (Contact) में हैं लेकिन आपका आपस में कोई जुड़ाव (Connection) नहीं है।“

पत्रकार ने आँखें पोंछी और बोला - “मुझे एक अच्छा और अविस्मरणीय सबक सिखाने के लिए धन्यवाद।“

आज यह भारत की भी सच्चाई हो चली है। सबके हज़ारों संपर्क (Contact) हैं पर कोई जुड़ाव (Connection) नहीं है। कोई विचार-विमर्श नहीं है। हर आदमी अपनी-अपनी नकली दुनिया में खोया हुआ है।

वे साधु और कोई नहीं “स्वामी विवेकानंद" थे।


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सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏


विनम्र निवेदन

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धन्यवाद।

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