महाभारत - भाई, घर और परिवार

👼👼💧💧👼💧💧👼👼

महाभारत - भाई, घर और परिवार

Image by 165106 from Pixabay

महाभारत काल में जब पांडव वनवास काल में थे तो अपना जीवन एक कुटिया में रहकर बिता रहे थे। उसके बारे में जब दुर्योधन को पता चला तो उसने पांडवों को नीचा दिखाने के लिए पूर्ण ऐश्वर्य के साथ वन में जाने की सोची, ताकि वह पांडवों को ईर्ष्या से जलता देख सके।

जब दुर्योधन वन के लिए निकला, तब उसकी रास्ते में गंधर्व राज से मुलाकात हुई। उसी वक्त दुर्योधन ने सोचा कि गंधर्व राज को हराकर पांडवों को अपनी ताकत का प्रमाण देने का अच्छा मौका है। ऐसा सोच उसने गंधर्व राज पर आक्रमण कर दिया। लेकिन गंधर्व राज अत्यंत शक्तिशाली थे। उन्होंने दुर्योधन को हरा दिया और उसे बंदी बना लिया। जब इसकी सूचना पांडवों को मिली, तब युधिष्ठिर ने भाईयों को आदेश दिया कि वे जाकर दुर्योधन को वापस लायें। यह सुनकर भीम ने कहा - भ्राता! यूँ तो दुर्योधन हमारा भाई है, लेकिन वह सदैव हमारा अहित सोचता है तो ऐसे में उसकी मदद क्यों की जाये?

तब युधिष्ठिर ने उत्तर दिया - भले ही हमारा और हमारे भाईयों का बैर है, लेकिन वह तो घर की बात है जिसे जग-जाहिर करना गलत है। पारिवारिक झगड़े परिवार में ही रहें, उसी में परिवार की इज्जत है। इसे यूँ प्रदर्शित करना पूर्वजों का अपमान है। बड़े भाई की आज्ञा मान कर पांडव गंधर्वराज से युद्ध करते हैं और दुर्योधन को छुड़ा लाते हैं।

आजकल भी परिवार में झगड़े बढ़ते ही जा रहे हैं लेकिन ये आम बात है। परन्तु इनका बखान अन्य के सामने करना ग़लत है। इससे जग-हँसाई होती है और आपके परिवार की कमज़ोरी सभी के सामने उजागर होती है।

परिवार में कितना ही बैर क्यों न हो लेकिन विपत्ति में हमेशा अपनों का साथ देना चाहिये।

आजकल आम बात है परिवार में मनमुटाव होना, लेकिन अगर इसकी भनक दूसरों को लगती है, तो वे आपका मजाक उड़ाते हैं। साथ ही इसका फायदा उठाकर आपको अधिक नुकसान भी पहुँचा सकते हैं, जिस तरह से अंग्रेजों ने आपसी मतभेद का फायदा उठाकर कई सालों तक हमारे देश पर राज किया।

अगर आप परिवार के झगड़ों की बातें अन्य के सामने करते हैं, तो आपके बुजुर्गों एवम् उनके संस्कारों पर लोग प्रश्नचिन्ह लगाते हैं, जिससे परिवार की साख मिट्टी में मिल जाती है। अतः जहाँ तक कोशिश करें, पारिवारिक मनमुटाव को परिवार में ही रहने दें। उसका बखान कर परिवार की नींव कमज़ोर न करें।

--

 सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏


विनम्र निवेदन

यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें।

धन्यवाद।

Comments

Popular posts from this blog

ईश्वर की कृपा

समर्पण भाव होना चाहिए

समस्या का सामना

चरणों की धूल

आधे रास्ते को मंजिल न समझें

एक बुढ़िया की रोचक कहानी

Y for Yourself

जो चाहोगे सो पाओगे

राजा मोरध्वज

जहाँ प्रेम वहीं ईश्वर