ईश्वर स्वयं आते हैं

ईश्वर स्वयं आते हैं 


एक बार अकबर ने बीरबल से पूछा "बीरबल! मैंने सुना है कि भगवान विष्णु एक हाथी की जान बचाने के लिए खुद आये थे  

बीरबल ने कहा  - जी महाराज !!. वो हाथी भगवन विष्णु का भक्त था और नदी से पानी पीते समय उसको मगर ने पकड़ लिया तो हाथी ने भगवान विष्णु को मदद ले लिए पुकारा, तो भगवान् ने स्वयं उस हाथी की रक्षा के लिए मगर का वध किया  

अकबर बोले - तो इस बात के लिए भगवान् को खुद आने की क्या जरूरत ? वो तो सब कुछ  बैठे बैठे ही कर सकते थे किसी और को  हुक्म दे दिया होता 

बीरबल  ने कहा - हुजुर! इसका जवाब आपको कुछ दिन के बाद दूंगा  कुछ समय बाद दरबार के लोगों ने यमुना नदी में नौका विहार करने की योजना बनायी अकबर उनके सेनापति अंगरक्षक और सभी दरबारी अलग अलग नावों में सवार होकर नदी में निकल पड़े 

तभी एक छपाक की आवाज हुई और कोई चिल्लाया - शहजादे  सलीम नदी  में गिर गए ! 

अकबर ने तुरंत उस तरफ पानी में छलांग लगा दी और  डूबते हुए शहजादे को पकड़ कर  उठाया,  लेकिन ये क्या ?.वो तो सिर्फ  एक मोम का पुतला था

अकबर  गुस्से से भड़क उठे - ये क्या हरकत'है ? शहजादे सलीम कहाँ है ? 

सारे दरबारी सर झुका के खड़े थे केवल बीरबल मुस्कुरा रहे थे 

बोले - क्षमा करें, महाराज ! सलीम को उन्होंने अपने पीछे से आगे किया और बोले -  शहजादे सलीम सुरक्षित हैं  आपने उस दिन मुझ से एक प्रश्न किया था आज मैं आपसे पूछता हूँ  जब आपने सुना कि शहजादा सलीम नदी में गिर गए हैं तो आप खुद क्यों कूदे ? आपके सारे दरबारी यहाँ हैं, अंगरक्षक यहाँ हैं, सेना पति यहाँ हैं; आप किसी को भी आदेश दे देते 

अकबर को जवाब मिल गया था इंसान हो या भगवान्,  जिससे भी सच्चा प्रेम होता है, वो उसके लिए स्वयं दौड़  पड़ता  है,  किसी और को आदेश नहीं देता है..!! 

द्वारा--सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

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धन्यवाद। 

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