तेरी बंसी की धुन सुन कर
तेरी बंसी की धुन सुन कर
धुन - मुझे तेरी मुहब्बत का .....
तेरी बंसी की धुन सुन कर, मैं बरसाने से आई हूँ।
मेरे रसिया, ओ मनबसिया, मैं मुरली साथ लाई हूँ।
(1)
सुना है मेरे मनमोहन, तुम माखन भी चुराते हो।
मेरे रसिया, ओ मनबसिया, मैं माखन साथ लाई हूँ। तेरी....
(2)
सुना है मेरे मनमोहन, तुम गैया भी चराते हो।
मेरे रसिया, ओ मनबसिया, मैं ग्वाले साथ लाई हूँ। तेरी....
(3)
सुना है मेरे मनमोहन, तुम रास भी रचाते हो।
मेरे रसिया, ओ मनबसिया, मैं सखियां साथ लाई हूँ। तेरी....
(4)
सुना है मेरे मनमोहन, तुम गीता भी सुनाते हो।
मेरे रसिया, ओ मनबसिया, मैं अर्जुन बन के आई हूँ। तेरी....
(5)
सुना है मेरे मनमोहन, तुम अपना भी बनाते हो।
मेरे रसिया, ओ मनबसिया, मैं तेरी बनने आई हूँ। तेरी....
(6)
सुना है मेरे मनमोहन, तुम सत्संग भी सुनाते हो।
मेरे रसिया, ओ मनबसिया, मैं संगत साथ लाई हूँ। तेरी....
द्वारा--सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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