स्त्रियों का सम्मान करें
👼👼💧💧👼💧💧👼👼 स्त्रियों का सम्मान करें Image by David Mark from Pixabay क्या आप ऐसा मानते हैं कि स्त्रियों में भी आत्मा होती है? और क्या आप ऐसा भी मानते हैं कि दुःख-सुख का अनुभव करने की जैसी भावना पुरुषों में होती है, वैसी ही स्त्रियों में भी होती है? यदि हाँ, तो ज़रा विचार करें कि जब पुरुष लोग सम्मान चाहते हैं तो क्या स्त्रियाँ सम्मान नहीं चाहेंगी? देखने में तो यही आता है कि जैसे पुरुष सुख चाहते हैं वैसे ही स्त्रियाँ भी सुख चाहती हैं। जैसे पुरुष दुःख नहीं चाहते, ऐसे ही स्त्रियाँ भी दुःख नहीं चाहती। इस व्यवहार से यह पता चलता है कि पुरुषों और स्त्रियों में एक जैसी ही आत्मा होती है। बल्कि पशु-पक्षी आदि सभी प्राणियों में एक जैसी ही आत्मा होती है, क्योंकि वे सब प्राणी भी सुख ही चाहते हैं। दुःख तो कोई भी नहीं चाहता। अस्तु। जब पुरुष लोग विवाह कर लेते हैं, तब विवाह से पूर्व तो वे स्त्रियों का बहुत सम्मान करते हैं, परंतु विवाह करने के बाद वह बात नहीं रहती। फिर तो वे स्त्रियों को अपनी संपत्ति समझ कर उनके साथ चाहे जैसा व्यवहार करने लगते हैं। ऐसा करना उचित नहीं है। विवाह के बाद स्त्रियाँ, ...