ज़िन्दगी का अर्थ
ज़िन्दगी का अर्थ
वेद प्रकाश गावड़ी, (सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापक), हिसार की लेखनी से
(1)
पढ़ने वाले के लिए ज़िन्दगी किताब है
सोने वाले के लिए ज़िन्दगी ख़्वाब है
पीने वाले के लिए ज़िन्दगी शराब है
व्यापारी के लिए ज़िन्दगी हिसाब है
(2)
खिलाड़ी के लिए ज़िन्दगी अभ्यास है
दार्शनिक के लिए ज़िन्दगी कयास है
संन्यासी के लिए ज़िन्दगी वनवास है
भक्त के लिए ज़िन्दगी विश्वास है
(3)
कर्मयोगी के लिए ज़िन्दगी कर्म है
श्रमिक के लिए ज़िन्दगी श्रम है
अन्धविश्वासी के लिए ज़िन्दगी भ्रम है
धार्मिक के लिए ज़िन्दगी धर्म है
(4)
गृहस्थी के लिए जीवन भोग है
डॉक्टर के लिए जीवन रोग है
वैज्ञानिक के लिए जीवन प्रयोग है
योगी के लिए जीवन योग है
(5)
कृपण के लिए ज़िन्दगी धन है
भूखे के लिए ज़िन्दगी अन्न है
धनवान के लिए ज़िन्दगी अहम है
समझदार के लिए ज़िन्दगी मन है
(6)
माता-पिता के लिए जीवन सन्तान है
वक्ता के लिए जीवन व्याख्यान है
न्यायाधीश के लिए जीवन प्रमाण है
साधक के लिए जीवन ध्यान है
(7)
मांसाहारी के लिए जीवन मांस है
दमे के रोगी के लिए जीवन सांस है
शिकारी के लिए जीवन फांस है
निराश के लिए जीवन आस है
(8)
रोगी के लिए जीवन उपचार है
ग़रीब के लिए जीवन भार है
दुःखिया के लिए जीवन ख़ार है
सदाचारी के लिए जीवन व्यवहार है
सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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