मित्र की परिभाषा
मित्र की परिभाषा
जिसके साथ खून का रिश्ता नहीं,
फिर भी वह प्रिय लगे, वह है मित्र।
जिस से दुनिया भर की बातें करके भी
थकें नहीं, वह है मित्र।
जिसके साथ छोटी-सी बात पर भी
खुल कर हंस लें, वह है मित्र।
जिस के कंधे पर माथा रख कर
खुल कर रो सकें, वह है मित्र।
जिस के साथ ठण्डी चाय भी
एकदम गर्म लगे, वह है मित्र।
जिस के साथ खिचड़ी खाने में भी
दावत जैसी महक आए, वह है मित्र।
जिस को आधी रात को भी उठा कर
दिल की बात कर सकें, वह है मित्र।
जिस के साथ भूमिका बनाए बिना
खुल कर बात कर सकें, वह है मित्र।
एक अरसे के बाद भी जिस को मिलते ही
दिल झूम उठे, वह है मित्र।
मित्र वह है, जो हर मुसीबत में हर समय साथ निभाए।
मेरे प्यारे मित्रों को समर्पित है।।
प्रेषिका- सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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धन्यवाद।

Absolutely Marvellous And Beautiful Thought
ReplyDeleteAbsolutely exact analysis of a real friend.
ReplyDeleteआज के समय में जब किसी को किसी से कोई लेना देना नहीं ! मतलब हो तो ही बात करना ऐसे में एक फ्रेंड मिल जाए जैसा की अपने बताया है उसे और कुछ नाजी चाहिए ।
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