सद्व्यवहार ही गुणों का दर्पण

👼👼👼👼👼👼👼👼👼👼

कैसे बनें गुणवान (2)

गुणों की परिभाषा

अवगुणों से बचने से पहले हमें यह जानना अति आवश्यक है कि हम कैसे बनें गुणवान? गुणवान बनेंगे तो अवगुण स्वयं ही हमसे दूर हो जाएंगे, पर विडम्बना तो यह है कि हम स्वयं को सबसे अधिक गुणवान मानते हैं। आज हम कुछ बिन्दुओं पर विचार करेंगे कि क्या हम वास्तव में इन कसौटियों पर खरे उतरते हैं?

एक धनवान व्यक्ति के विषय में हम सोच लेते हैं कि यह गुणवान भी होगा। मान लो एक व्यक्ति बहुत धनवान है पर मिष्टभाषी नहीं है, अपने धन का अभिमान करके बैठा है तो कोई व्यक्ति उससे मित्रता नहीं करना चाहेगा। वह अपने सच्चे और अच्छे शुभचिंतकों से सदा वंचित ही रहेगा। जो मित्र बनेंगे, वे भी किसी स्वार्थ-भावना से ही उसके पास आएंगे। यदि वह विनम्रता और सेवाभाव के गुणों से युक्त होगा तो वह अपने धन का उपयोग दान-धर्म आदि भलाई के कार्यों में करेगा और समाज में सम्मान भी प्राप्त कर सकेगा। 

एक बार रहीम खानखाना ग़रीब लोगों को नज़रें झुका कर दान दे रहे थे। याचक के रूप में आए लोगों को बिना देखे, वे दान देते थे। अकबर के दरबारी कवियों में महाकवि गंग प्रमुख थे और रहीम के तो वे विशेष प्रिय थे। एक बार महाकवि गंग ने रहीम की प्रशंसा में एक छंद लिखा, जिसमें उनके यौद्धा रूप का वर्णन था। इस पर प्रसन्न होकर रहीम जी ने महाकवि गंग को 36 लाख रुपए भेंट किए।

रहीम जी की दानशीलता को देखकर महाकवि गंग ने दोहा लिखकर भेजा -

सीखे कहां नवाबजू, ऐसी दैनी दैन। 

ज्यों-ज्यों कर ऊँचा करो, त्यों-त्यों नीचे नैन।।

रहीम जी ने महाकवि गंग की बात का उत्तर बहुत विनम्रतापूर्वक देते हुए यह दोहा लिखकर भेजा -

देनहार कोऊ और है, देवत है दिन-रैन।

लोग भरम हम पर करें, याते नीचे नैन।।

अतः धनवान का पहला गुण है - विनम्रता, जो सोने में सुगन्ध का काम करता है। ऐसा व्यक्ति ही समाज में प्रशंसा का पात्र बनता है।

--

सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏


विनम्र निवेदन

यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें।

धन्यवाद।

Comments

Popular posts from this blog

बेटे व बेटी में अन्तर

बेटियां एक अहसास हैं

मित्र की परिभाषा

ज़िन्दगी का अर्थ

मुझे राम दे दो

माता-पिता

गीता सार

पतन से बचें

inferiority complex

क्षणिकाएँ