बड़ा ओहदा

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बड़ा ओहदा

Image by Birgit from Pixabay

पिता अपने बेटे के साथ पांच सितारा होटल में प्रोग्राम अटेंड करके कार से वापस जा रहा था। रास्ते में ट्रैफिक पुलिस हवलदार ने सीट बैल्ट नहीं लगाने पर रोका और चालान बनाने लगा।

पिता ने सचिवालय में अधिकारी होने का परिचय देते हुए रौब झाड़ना चाहा तो हवलदार ने कड़े शब्दों में आगे से सीट बैल्ट लगाने की नसीहत देते हुए छोड़ दिया। बेटा चुपचाप सब देख रहा था।

रास्ते में पिता ने कहा, “अरे! मैं आइ.ए.एस. लेवल के पद वाला अधिकारी हूँ और कहां वो मामूली हवलदार मुझे सिखा रहा था। मैं क्या जानता नहीं कि क्या जरुरी है, क्या नहीं? बड़े अधिकारियों से बात करना तक नहीं आता, आखिर हम भी जिम्मेदारी वाले बड़े पद पर हैं भई!!”

बेटे ने खिड़की से बगल में लहर जैसे चलती गाडियों का काफिला देखा, तभी अचानक तेज ब्रेक लगने और धमाके की आवाज आई।

पिता ने कार रोकी तो देखा, सामने सड़क पर आगे चलती मोटरसाइकिल वाले प्रौढ़ को कोई तेज रफ्तार कार वाला टक्कर मारकर भाग गया था। मौके पर एक अकेला पुलिस का हवलदार उसे संभालकर साइड में बैठा रहा था।

खून ज्यादा बह रहा था। हवलदार ने पिता को कहा, “खून ज्यादा बह रहा है। मैं ड्यूटी से ऑफ होकर घर जा रहा हूं और मेरे पास बाईक है। आपकी कार से इसे जल्दी अस्पताल ले चलते हैं, शायद बच जाए।”

बेटा घबराया हुआ चुपचाप देख रहा था। पिता ने तुरंत घर पर इमरजेंसी का बहाना बनाया और जल्दी से बेटे को खींचकर कार में बिठाकर चल पड़ा।

बेटा अचंभित सा चुपचाप सोच रहा था कि बड़ा पद वास्तव में कौन सा है!! पिता का प्रशासनिक पद या पुलिस वाले हवलदार का पद, जो अभी भी उस घायल की चिंता में वहां बैठा है....।

अगले दिन अखबार के एक कोने में दुर्घटना में घायल को गोद में उठाकर 700 मीटर दूर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले हवलदार की फोटो सहित प्रशंसा की ख़बर छपी थी। बेटे के होठों पर सुकून भरी मुस्कुराहट थी, उसे अपना जवाब मिल गया था।

सीख -

इंसानियत का मतलब सिर्फ खुशियां बांटना नहीं होता। बड़े पद का असली मतलब अपने पास आई चुनौतियों का उस समय तक सामना करना होता है, जब तक उसका समाधान नहीं हो जाता। उस समय साथ देना होता है जब वो मुसीबत में हो और जब उसे हमारी सबसे ज्यादा ज़रुरत हो। इसलिए हमें कभी भी अपने पद का घमंड नहीं करना चाहिए, हर समय मदद के लिए तैयार होकर अपने पद की गरिमा बनानी चाहिए।

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सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

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