अच्छा और बुरा

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अच्छा और बुरा

Image by ZenAga from Pixabay

एक गांव में दो भाई रहते थे। उनमें से एक बड़ा बिजनेसमैन था, जिसकी पूरे देश भर में नाम व प्रतिष्ठा थी। दूसरा निठल्ला था और नशा करता था। लोगों को उन दोनों भाईयों को देखकर आश्चर्य होता था कि आख़िर दोनों में इतना अंतर क्यों है? कुछ लोगों ने इसका पता लगाने का निश्चय किया और शाम को दोनों भाईयों के घर पहुँचे। अंदर घुसते ही उन्हें नशे में धुत एक व्यक्ति दिखा।

उन्होंने उससे पूछा - तुम बेवजह लोगों से लड़ाई झगड़ा करते हो? आख़िर यह सब करने की वजह क्या है?

“मेरे पिता” - उसने उत्तर दिया।

वह बोला - मेरे पिता शराबी थे, वे अक्सर मेरी माँ और हम दोनों भाईयों को पीटा करते थे। ऐसे में तुम लोग मुझसे और क्या उम्मीद कर सकते हो? इसलिए मैं भी बचपन के संस्कारों के कारण अपने पिता के जैसा ही बन गया हूँ।

फिर वे दूसरे भाई के पास गए। लोगों ने उससे भी वही प्रश्न किया - आप इतने सम्मानित और प्रतिष्ठित बिजनेसमैन हैं, इसकी वजह क्या है?

“मेरे पिता” - दूसरे भाई ने उत्तर दिया।

यह सुनकर लोगों को बहुत आश्चर्य हुआ। उन्होंने पूछा - “भला वो कैसे?”

वह बोला - मेरे पिता शराबी थे, नशे में वह हमें मारते-पीटते रहते थे। मैंने निश्चय कर लिया कि मैं ऐसा कभी नहीं बनूँगा।

जीवन में जो कुछ भी घटता है, उसके दो पहलू होते हैं - एक अच्छा और दूसरा बुरा। जरूरत इस बात की है कि हम अच्छाई पर ध्यान दें और बुराई से दूर रहें। अच्छाई से प्रेरणा लेने की कोशिश करें और अपने जीवन में ऊंचाइयों को प्राप्त करें।

शिक्षा -

अच्छा या बुरा देखना और उसे जीवन में उतारना नज़रिए पर निर्भर करता है। अच्छा ग्रहण करोगे, तो अच्छा होगा और बुराई के रास्ते पर चलोगे तो बुरा होगा।

--

 सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

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धन्यवाद।

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