ज्ञान का अनुभव

 ज्ञान का अनुभव

वेद प्रकाश गावड़ी, (सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापक), हिसार की लेखनी से  

 

ज्ञान बिना भक्ति अधूरी                                                                                    

ज्ञान बिना शक्ति अधूरी

ज्ञान बिना कल्पना अधूरी

ज्ञान बिना सपना अधूरा

ज्ञान बिना विचार अधूरा

ज्ञान बिना आचार अधूरा

ज्ञान बिना व्यवहार अधूरा

ज्ञान बिना प्रचार अधूरा

ज्ञान बिना चिन्तन अधूरा

ज्ञान बिना मनन अधूरा

ज्ञान बिना शान्ति अधूरी

ज्ञान बिना क्रान्ति अधूरी

ज्ञान बिना आस्था नहीं

ज्ञान बिना विश्वास नहीं

ज्ञान बिना सत्संग नहीं

ज्ञान बिना आनन्द नहीं

ज्ञान जीवन का आधार है

ज्ञान सुखों का सार है

ज्ञान से ही स्वयं को जान सकते हैं

ज्ञान से ही ईश्वर को पहचान सकते हैं।।

द्वारा--सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

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