कैसा है?
कैसा है?
वेद प्रकाश गावड़ी, (सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापक), हिसार की लेखनी से
आँसू जता देते हैं कि दर्द कैसा है?
बेरुखी बता देती है कि हमदर्द कैसा है?
घमण्ड बता देता है कि कितना पैसा है?
संस्कार बता देते हैं कि परिवार कैसा है?
बोली बता देती है कि इन्सान कैसा है?
बहस बता देती है कि ज्ञान कैसा है?
स्पर्श बता देता है कि नीयत कैसी है?
वक्त बता देता है कि रिश्ता कैसा है?
विधि बता देती है कि विधान कैसा है?
क्रूरता बता देती है कि शैतान कैसा है?
कर्म बता देते हैं कि निगहबान कैसा है?
वाणी बता देती है कि विद्वान कैसा है?
व्यवहार बता देता है कि गुणवान कैसा है?
प्रयोग बता देता है कि परिणाम कैसा है?
शिष्य बता देता है कि गुरुज्ञान कैसा है?
एकाग्रता बता देती है कि ध्यान कैसा है?
स्वभाव बता देता है कि मेहरबान कैसा है?
प्रकृति बता देती है कि आसमान कैसा है?
पुरुषार्थ बता देता है कि भाग्यवान कैसा है?
भक्त बता देता है कि इस का भगवान कैसा है?
द्वारा--सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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धन्यवाद।

बहुत ही गूढ़ ज्ञान सरल शब्दों में 🙏🙇♀️
ReplyDeleteउत्तम ज्ञान की बातें..
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