Avoid greediness
लालच को दूर करो, सब वस्तुएं भगवान की संपत्ति हैं।Avoid greediness, everything belongs to God.
किसी भी वस्तु पर अपना अधिकार न जताओ। हर वस्तु भगवान की है। जिसे तुम अपना कहते हो, वह वास्तव में तुम्हें अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अस्थाई रूप से दी गई है।
एक किसान के पास थोड़ी-सी ज़मीन थी, जिस पर वह खेती करके अपना निर्वाह करता था। उसके मन में अमीर बनने की बहुत चाह थी। वह राजा के पास अधिक ज़मीन पाने की इच्छा से प्रार्थना करने गया।
राजा ने कहा-‘ठीक है, कल तुम सूरज उगते ही चलना शुरू करना। सूरज ढलने तक जितनी ज़मीन पर चल कर वापिस उसी स्थान पर आ जाओगे, वह तुम्हारी हो जाएगी।’
ग़रीब किसान ने अगले दिन सुबह चलना तो क्या दौड़ना शुरू कर दिया। लेकिन सूरज ढलने से पहले वह उसी स्थान पर वापिस पहुँचने से पहले ही भूख-प्यास से थक कर गिर पड़ा और अपनी जान से ही हाथ धो बैठा।
राजा ने उस की थोड़ी सी ज़मीन के एक कोने में ही उस की कब्र बनवा दी।
इसलिए सांसारिक वस्तुओं पर अपना अधिकार जमाने का या उन्हें इकट्ठा करने का लालच छोड़ दो, जो नाशवान हैं, परिवर्तनशील हैं और अपनी प्रकृति के अनुसार नष्ट होने वाली हैं। तुम्हें केवल एक पल के नोटिस पर सांसारिक वस्तुओं को छोड़ देने में समर्थ होना चाहिए।
इस विचार धारा से तुम उस ईर्ष्या की भावना को भी समाप्त कर सकते हो, जो तब पैदा होती है, जब तुम अपनी और दूसरों की सम्पत्ति की तुलना करते हो।
द्वारा--सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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राग ईर्श्या द्वेश का त्याग ही तो आत्मज्ञान है।ऊं शांति
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