Learn to change your thoughts
अपने विचारों को शीघ्रता व सजगता से बदलना सीखो। Learn to change your thoughts quickly and conciously.
इस समय तुम्हारी चित्त-वृत्ति (mood) उन विचारों पर निर्भर है, जो वर्तमान समय में तुम्हारे मन में हैं। यदि तुम उन विचारों को बदल दो तथा कुछ और सोचना शुरू कर दो तो अवश्य ही तुम्हारी चित्त-वृत्ति (mood) बदल जाएगी।
तुम्हारे पास एक साधारण सा सूत्र है। जब भी तुम व्याकुलता महसूस करो, केवल अपने मन और विचारों को किसी दूसरी जगह लगा दो। वह व्याकुलता उसी समय दूर हो जायगी। उदाहरण के लिए मान लो तुम अपने लड़के की सेहत के लिए चिन्तित हो जो हॉस्टल में रहता है। ऐसी स्थिति में तुम अपने विचारों को किसी ऐसे आवश्यक काम की ओर मोड़ दो जो तुम्हें कल दफ्तर में खत्म करना है या उन मीटींग व मुलाकातों की ओर, जो तुम्हें कल दफ्तर में करनी हैं। उन चिन्ता के विचारों को उसी समय दूर होना पड़ेगा क्योंकि दिमाग़ एक बार में कई बातें नहीं सोच सकता। इसलिए किसी के द्वारा व्याकुल किया जाना संभव नहीं है, जब तक तुम उस के बारे में सोचना न शुरू कर दो।
जादू की छड़ी (दृष्टिकोण का बदलाव)
एक शहर में आर्यन नाम का एक युवक रहता था। वह अपनी नौकरी, कम वेतन और किस्मत को लेकर हमेशा शिकायत करता रहता था। उसे लगता था कि दुनिया उसके खिलाफ है। एक दिन, वह शहर के सबसे ज्ञानी और बुजुर्ग व्यक्ति, 'गुरुदेव' के पास गया।
आर्यन ने शिकायत की, "गुरुदेव, मेरा जीवन नरक बन गया है। काम में मन नहीं लगता, बॉस परेशान करता है, घर में बरकत नहीं है। मैं क्या करूँ?"
गुरुदेव मुस्कुराए और उन्होंने आर्यन को एक सादे कागज का टुकड़ा दिया। उन्होंने कहा, "इस कागज पर वह सब लिखो जो तुम्हारे जीवन में गलत हो रहा है।"
आर्यन ने गुस्से में एक लंबी सूची लिख दी—'बॉस खराब है', 'तनख्वाह कम है', 'मेरा समय खराब है', 'मैं अभागा हूँ', आदि।
गुरुदेव ने कागज पढ़ा और कहा, "तुम्हारे विचार ही तुम्हारे शत्रु हैं। अब, इस कागज को फाड़ दो।"
आर्यन ने कागज फाड़ दिया।
गुरुदेव ने उसे एक दूसरा, कोरा कागज़ दिया और कहा, "अब, इस पर वह सब लिखो जो इन विपरीत परिस्थितियों में भी तुम्हारे साथ अच्छा है, या जिन्हें तुम बेहतर बनाना चाहते हो।"
आर्यन सोचने लगा। उसे लगा कि यह मुश्किल है। लेकिन उसने कोशिश की—'मेरे पास अच्छी सेहत है', 'मुझे नौकरी की जरूरत है, तो मैं कुछ नया सीख सकता हूँ', 'समय खराब है, तो मेहनत ज्यादा कर सकता हूँ'।
कागज पर लिखा: 'मेरे पास एक अच्छी शुरुआत करने का अवसर है', 'मैं अपनी कुशलता बढ़ाऊँगा', 'मैं खुश रहने के लिए खुद जिम्मेदार हूँ'।
गुरुदेव ने कहा, "देखो, हालात वही हैं—कागज वही है, कलम वही है। लेकिन जब तुमने विचार बदले, तो कागज का मूल्य बदल गया। अपने विचारों को शीघ्रता से बदलना ही जीवन का सबसे बड़ा जादू है।"
आर्यन समझ गया कि परिस्थितियाँ नहीं, बल्कि उसके नकारात्मक विचार उसे दुखी कर रहे थे। उसने तुरंत अपने सोचने का नज़रिया बदला और सकारात्मक मेहनत करने लगा।
कहानी से सीख
परिस्थितियाँ शाश्वत नहीं हैं: विचार बदलें, परिस्थितियाँ अपने आप बदल जाएँगी। नकारात्मकता से मुक्ति: "असंभव" या "मुझसे नहीं होगा" जैसे विचारों को तुरंत सकारात्मक वाक्यों में बदलें। दृष्टिकोण का महत्व: जब आप किसी घटना को नकारात्मक के बजाय "सीखने के अवसर" के रूप में देखते हैं, तो आपका पूरा मूड बदल जाता है। अपने विचारों को शीघ्रता से बदलने का अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।
तुम अपने मन को उस ओर प्राथमिकता से मोड़ सकते हो जो ख़ुशनुमा और रचनात्मक विचार हैं। उदाहरण के लिए तुम अच्छा संगीत और मधुर गीत सुनना शुरू कर सकते हो, अपने मन को आध्यात्मिक पुस्तक को पढ़ने और उसे आत्मसात करने की ओर मोड़ सकते हो। तुम एक अच्छा दूरदर्शन धारावाहिक देख सकते हो या केवल खुली हवा में बाहर जा सकते हो और नज़दीकी उद्यानों या झील पर घूम सकते हो या यदि कोई नज़दीक रहता हो तो अच्छे मित्र से मुलाकात कर सकते हो।
द्वारा--सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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