Don't show madness in choosing

 किसी विषय को चुनने या निर्णय लेने में अस्थिरता और
पागलपन न दिखाओ। 

(Don't show fickle mindedness and madness in choosing or deciding something.)

इस दुनिया में हर क्षेत्र में अन्तहीन वस्तुएं व परिस्थितियां हैं। एक अस्थिर मन वाला व्यक्ति किसी वस्तु के चुनाव में या निर्णय करने में आसानी से असमंजस में पड़ जाता है और उसका चित्त भ्रान्त हो जाता है, लेकिन यदि तुम ध्यान से देखो तो इस बड़ी समस्या का हल शांत चित्त रह कर खोजा जा सकता है। अच्छा या बुरा जो हम इस दुनिया में हम देखते हैं, वह हमारी अज्ञानता के कारण है। आध्यात्मिकता से सम्पन्न व्यक्ति अपनी आवश्यकता व रुचि के अनुसार किसी वस्तु का चुनाव करने या कोई निर्णय लेने में आसानी से सक्षम हो सकता है। इसलिए वह बाधित और असमंजस की स्थिति में नहीं होता।

निर्णय लेने में अस्थिरताः एक लघुकथा

रामू एक बहुत ही बुद्धिमान युवक था, लेकिन उसमें एक बहुत बड़ी कमी थी - वह निर्णय लेने में बहुत अस्थिर था। वह हर काम में “यह करूँ या वह“ की उलझन में फंसा रहता था।

एक दिन, रामू शहर जाकर नौकरी पाने का निश्चय करता है। बस में बैठते ही उसने सोचा, “नौकरी करना तो गुलामी है, अपना छोटा-सा व्यवसाय करना बेहतर है।“ उसने अगले ही स्टॉप पर बस से उतरने का फैसला कर लिया।

वापस घर लौटते हुए उसने देखा कि उसके पड़ोसी ने एक नई दुकान खोली है। उसने सोचा, “व्यवसाय में तो बहुत रिस्क है, नौकरी ही सुरक्षित है।“ वह फिर से बस स्टॉप की तरफ भागा, लेकिन बस निकल चुकी थी।

अगले दिन उसने सोचा कि वह खेती ही करेगा। खेत में काम करते समय उसे एक मोटिवेशनल स्पीकर की बात याद आई कि “सोच बदलो, जिंदगी बदलेगी“। 

उसने सोचा कि उसे शहर जाकर ही कुछ बड़ा करना चाहिए।

दिन बीतते गए, रामू की अस्थिरता के कारण उसने कभी न नौकरी की, न व्यवसाय किया, न ढंग से खेती की। जब तक वह सही निर्णय लेने की सोचता, तब तक सही समय निकल चुका होता था। उसके मित्र आगे बढ़ते गए, लेकिन रामू वहीं का वहीं रह गया।

एक दिन एक ज्ञानी साधु ने उसे दुःखी देखकर कारण पूछा। रामू ने अपनी समस्या बताई। 

साधु ने मुस्कुराकर कहा, “बेटा! कोई भी पक्का निर्णय न लेने से बेहतर है कि कोई एक निर्णय लो और उसे सफल बनाने के लिए मेहनत करो। अस्थिर मन कहीं का नहीं रहता।“

सीखः निर्णय लेने में अस्थिरता (indecisiveness) आपके प्राइम टाइम को खत्म कर देती है। सही समय पर लिया गया एक दृढ़ फैसला, जीवन बदल सकता है।

इस विशेष योग्यता के कारण तुम कुछ भी या किसी भी क्षेत्र को

कार्य करने के लिए चुन सकते हो और उसमें उतनी ही प्रसन्नता पा सकते हो, जितनी किसी अन्य कार्य से, क्योंकि यह कार्य के स्थान पर कार्य के साथ जुड़ी तुम्हारी चेतन-शक्ति पर अधिक निर्भर है। यदि तुलनात्मक चूहा-दौड़ को चुनोगे, तो यह बिना किसी उद्देश्य या निर्णय के तुम्हारे मन को डांवाडोल कर देगी। अपने लिए गहन निरीक्षण और खोज के बाद केवल एक विकल्प चुनो चाहे वह नौकरी हो या दुल्हन का चुनाव हो या बाज़ार से कोई वस्तु ख़रीदनी हो और फिर उससे सन्तुष्ट होने की कोशिश करो।

सरिता जैन 

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏


विनम्र निवेदन

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धन्यवाद। 

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