Problems are a part of life.
समस्याएं जीवन का अविभाजित अंग हैं।
Problems are an integral part of life.
बहुत से लोग सोचते हैं कि जब उनकी सभी समस्याएं हल हो जाएंगी, तब वे जीवन की उन्नति की योजनाएं बनाना आरंभ करेंगे। लेकिन याद रखो कि समस्याएं जीवन का अविभाजित अंग हैं। वे कभी समाप्त नहीं होंगी। एक समस्या जाएगी तो दूसरी आ जाएगी।
यह जीवन की प्रकृति है। जीवन को इस प्रकार बनाया गया है कि जब तुम समस्याओं का सामना करोगे तो आगे बढ़ने के लिए आवश्यक ‘सबक’ भी सीख लोगे। यह केवल तुम्हारे साथ नहीं है, सबके साथ है। कोई भी समस्याओं से मुक्त नहीं है।
जीवन में समस्याएं (चुनौतियां) अपरिहार्य हैं, वे विकास और चरित्र निर्माण के लिए आती हैं।
एक बाबा ने ऊंट चरा रहे परेशान व्यक्ति को समझाया कि जैसे ऊंट अपनी मर्जी से बैठते हैं, वैसे ही कुछ समस्याएं खुद हल हो जाती हैं, कुछ प्रयास से, और कुछ समय पर छोड़ देनी चाहिए। उनसे डरने के बजाय, उन्हें जीवन का हिस्सा मानकर मुस्कुराते हुए उनका सामना करना चाहिए।
बाबा और ऊंटों का समाधान
एक बार एक व्यक्ति जीवन की समस्याओं से बहुत परेशान होकर एक बाबा के पास गया। उसने कहा, “बाबा! मैं अपनी समस्याओं से हार चुका हूं। क्या जीवन में कभी कोई राहत नहीं मिलेगी?“
बाबा ने मुस्कुराते हुए कहा, “कल आना। आज तुम्हें एक काम करना है, जो रात में ही हो सकता है।“ बाबा ने उसे ऊंटों की रखवाली का काम सौंप दिया।
रात हुई, तो ऊंट इधर-उधर भागने लगे। वह व्यक्ति पूरी रात ऊंटों को एक साथ बिठाने की कोशिश करता रहा, लेकिन जैसे ही एक ऊंट बैठता, दूसरा उठ खड़ा होता।
अगली सुबह, वह थका-हारा बाबा के पास पहुंचा। बाबा ने पूछा, “क्या सभी ऊंट एक साथ बैठ गए?“
व्यक्ति ने हताशा में कहा, “नहीं बाबा, यह तो नामुमकिन है। जब भी सोचता हूँ कि अब तो सारे ऊंट बैठ गए हैं, तभी पहले वाला ऊंट फिर से खड़ा हो जाता है।“
बाबा ने उसे समझाया, “जीवन की समस्याएं भी ऐसी ही हैं। अगर तुम इन्हें कंट्रोल करने के लिए भागोगे, तो वे हमेशा परेशान करेंगी। कुछ समस्याएं खुद हल हो जाती हैं, कुछ प्रयास करने से, और कुछ को समय के साथ छोड़ देना चाहिए। उन्हें जीवन का हिस्सा मानकर आगे बढ़ते रहो, वे तुम पर हावी नहीं होंगी।“
उस व्यक्ति को अपनी समस्याओं का हल मिल चुका था।
सीखः
समस्याओं से भागने पर समाधान दूर भागता है, और सामना करने पर वही समाधान पास आ जाता है। अतः समस्याओं को अपनी उन्नति के रास्ते में बाधक न बनने दो, चाहे तुम कितनी भी कठिन परिस्थिति में हो, हर अवस्था में उन्नति करते चलो, क्योंकि चाहे तुम्हारी कोई भी समस्या हो, तुम्हारे आगे के विकास के लिए कुछ दरवाज़े हमेशा खुले रहते हैं। किसी के लिए सभी दरवाज़े कभी बंद नहीं होते, चाहे वे कितने भी सख़्त क्यों न हों। यह भी याद रखो कि इस दुनिया में कोई भी समस्या तुम्हारे मन की शक्ति से बड़ी नहीं है जिसे हल न किया जा सके।
यह जीवन का एक सामान्य अनुभव है कि जब हमारे जीवन में समस्याएं आती हैं तो उनका हल भी उनके साथ ही आता है। हम अपनी ताकत और संसाधनों से अधिक सहनशील नहीं बन सकते। यदि हम भगवान को हमें निर्देश देने के लिए बुलाएं, तो हर समस्या का एक उचित समाधान बहुत जल्दी निकल जाएगा, पर यह तो अपरिपक्वता की निशानी है। यदि कोई यह सोचे या कल्पना करे कि उसका जीवन बहुत आरामदायक होना चाहिए और उसे कोई समस्या कभी भी नहीं आनी चाहिए तो इसे सत्य मान कर चलो कि जीवन में ऊँच-नीच और अनचाही समस्याएं हमेशा आएंगी। तुम्हें किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। इसलिए समस्याओं के साथ ही हमें सुंदर ढंग से रहना सीखना चाहिए। यदि तुम समस्याओं का स्वागत करना सीख लो तो तुम उनके दास बनने के स्थान पर उनके स्वामी बन जाओगे।
तुम्हें यह भी पता होना चाहिए कि हमें भगवान के द्वारा दिए गए आरामों के साथ समस्याओं की तुलना तो करनी ही नहीं चाहिए। जब हम आराम और ऐश्वर्य का जीवन में आनन्द लेते हैं, तो न तो हम भगवान को धन्यवाद देते हैं और न ही पूछते हैं कि हमें ये सुविधाएं क्यों दी गई हैं लेकिन दुःखों और समस्याओं में हम इतने अधिक व्याकुल हो जाते हैं।
क्या यह कृतघ्नता नहीं है? यदि हम धन्यवाद देना शुरू कर दें तो व्याकुलता का दबाव कम हो जायगा। हमें प्रदान किए गए थोड़े से ऐशो आराम के लिए भी भगवान का धन्यवाद करना चाहिए।
द्वारा--सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
विनम्र निवेदन
यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें।
धन्यवाद।
.jpg)
Comments
Post a Comment