Don't rush
एक बार में एक दिन को जीओ, दौड़ न लगाओ। Live One Day at a time don't rush
एक जंगल में एक छोटा सा खरगोश रहता था, जिसका नाम था चिक्कू। चिक्कू हमेशा भविष्य की चिंता में रहता था। जब वह गाजर खा रहा होता, तो सोचता कि कल खाना मिलेगा या नहीं। जब वह धूप सेकता, तो उसे आने वाली बारिश का यह डर सताता। वह हर पल बस दौड़ता रहता था—कभी खाने के पीछे, तो कभी खयाली डर के पीछे।
एक दिन उसकी मुलाकात एक बूढ़े कछुए से हुई, जो बड़े आराम से एक पेड़ के नीचे बैठा ताजी घास चबा रहा था। चिक्कू ने हैरानी से पूछा, "दादा, आप इतने शांत कैसे हैं? क्या आपको कल की फिक्र नहीं? अगर हम आज तेजी से दौड़ेंगे नहीं, तो पीछे छूट जाएंगे!"
कछुआ मुस्कुराया और बोला, "बेटा, हम अक्सर कल की तैयारी में आज को जीना भूल जाते हैं। अगर तुम आज का खाना भी कल के डर में खाओगे, तो तुम्हें उसका स्वाद कभी नहीं आएगा। जिंदगी कोई रेस नहीं है जिसे खत्म करना है, बल्कि एक सफर है जिसे महसूस करना है।"
चिक्कू को बात समझ आ गई। उसने उस दिन पहली बार अपनी दौड़ रोकी और इत्मीनान से बैठकर ढलते सूरज को देखा। उसने सीखा कि सुकून भविष्य की जीत में नहीं, बल्कि वर्तमान के छोटे-छोटे पलों में है।
सीख: कल की चिंता में आज को मत गंवाओ। अपनी पूरी ऊर्जा आज के दिन को बेहतर बनाने में लगाओ—एक बार में बस एक दिन जिओ।
ये तो जब तुम पिछले कल की समस्याओं और आने वाले कल की शंकाओं को आज के बोझ में जोड़ लेते हो तब तुम्हारे लिए संभालना मुश्किल हो जाता है। अपने जीवन को छोटी इकाइयों में बाँट लेने से यह लाभ होता है कि तुम भूत और भविष्य की व्याकुलता के बिना अपना सारा मन वर्तमान में लगा सकते हो और उससे आनन्द प्राप्त कर सकते हो। जब तुम्हारा मन एक साथ भूत और भविष्य की ओर भी भागता है, तो वर्तमान का कार्य तुम अच्छी तरह नहीं निभा पाते। तुम अपने दिन को आगे घण्टों और मिनटों में बांट सकते हो और तब सभी समस्याएं भुला कर तुम अच्छा जीवन जी सकते हो और प्रत्येक क्षण का आनन्द ले सकते हो, यह सफल लोगों के जीवन की चाबी है।
द्वारा--सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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