महान आत्माएं
महान आत्माएं ख़ुशी के सम्बन्ध में क्या कहती हैं?
2. तुम्हारे स्वयं के अतिरिक्त अन्य कोई व्यक्ति तुम्हें प्रसन्न नहीं रख सकता।
3. सच्ची ख़ुशी धन से नहीं, मन से मिलती है।
4. ख़ुशी खरीदी नहीं जा सकती, यह केवल अनुभव की जा सकती है।
5. ख़ुशी का झरना तुम्हारे अन्दर है। इसे स्वतंत्रता से बहने दो।
6. यदि आप को पूरे विश्व का राजा बना दिया जाए और ख़ुशी की सब चीजें और उनको प्रयोग करने का हक भी सौंप दिया जाए, तो भी इसका पूर्ण विश्वास नहीं है कि आप ख़ुश हो ही जाएंगे।
7. ख़ुशी आपकी सच्ची वास्तविक प्रकृति है, इसे केवल खोजना है, बाहर से प्राप्त नहीं करना है।
8. तनाव का केन्द्र आपका मन है, मन को समझे व नियंत्रित किए बिना तनाव को दूर करना असंभव है।
9. किसी भी कार्य का सकारात्मक परिणाम पाने के लिए मुस्कुराना गणपति की पूजा के समान है।
10. ख़ुशी आपका कीमती ख़ज़ाना है।
11. जब हम दूसरों की मदद करते हैं, तो ख़ुशी हमारे पास अपने आप आ जाती है। भाई की नाव को पार कराने से अपनी नाव स्वयं ही पार हो जाती है।
12. ख़ुशी उस काम से नहीं आती जो हम करना पसंद करते हैं, बल्कि उससे आती है कि जो काम हमें करना है, उसे पसंद करें।
13. ख़ुशी छोटी-छोटी बातों में मिलती है जैसे एक बच्चे की मुस्कुराहट, मित्र का पत्र, पक्षी का गाना, खिड़की से आती हुई धूप।
14. ख़ुशी एक इत्र के समान है। इसे अपने उपर छिड़के बिना, दूसरों पर नहीं छिड़क सकते।
15. ख़ुशी दूसरों के साथ मानवीय सम्बन्धों के कारण बढ़ती है, जो सद्भावना, सहनशीलता, समझदारी और प्यार पर आधारित है।
16. तनाव कोई पदार्थ, वस्तु या परिस्थिति नहीं है यह उस पदार्थ, वस्तु या परिस्थिति के प्रति हमारी प्रतित्त्यि है जो तनाव को उत्पन्न करती है।
द्वारा--सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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