Avoid suspicius, doubts; have faith.
शक और अविश्वास को दूर करो, विश्वास करना सीखो।Avoid suspicius, doubts;
have faith.
दूसरों को शक और अविश्वास की दृष्टि से न देखो। अपने विचारों को इस पक्षपात से आरम्भ न करो कि दूसरा व्यक्ति धोखेबाज़ है और निश्चय ही तुम्हें धोखा देगा व लूट लेगा। विश्वास रखो, यदि कोई तुम्हें धोखा देता है, वह वास्तव में पहले अपने आप को धोखा दे रहा है। जो हानि उसने तुम्हें पहुँचाई है, वह उस कार्य से ‘कर्मों’ के नियम के अनुसार तुमसे भी अधिक दुःखी होगा।
अंधेरे का भ्रम
गाँव में रमन और श्याम नाम के दो पक्के दोस्त रहते थे। रमन की आर्थिक स्थिति श्याम से बेहतर थी। एक दिन, रमन का कीमती पेन खो गया। उसे शक हुआ कि उसके घर आए श्याम ने ही पेन चुराया है। इस शक के कारण रमन ने श्याम से बातचीत बंद कर दी और उसका व्यवहार रूखा हो गया।
श्याम परेशान था, लेकिन उसने रमन से इसका कारण पूछा। रमन ने हिचकिचाते हुए कहा, “कल तुम आए थे और उसके बाद से मेरा पेन गायब है।“
श्याम मुस्कुराया और बोला, “दोस्त, क्या शक करना भरोसे से बड़ा है? याद है, जब कल तुम मेरे घर आए थे, तब वह पेन तुम्हारे हाथ में था।“ वह रमन को अपने घर ले गया और उसने रमन को वह पेन दिखाया जो रमन कल शाम श्याम के घर ही भूल आया था।
रमन को अपनी गलती का अहसास हुआ। उसे समझ आ गया कि शक का कोई इलाज नहीं होता, पर संवाद से हर संशय दूर हो सकता है।
सीखः बिना सबूत के किसी पर शक करना रिश्तों को तोड़ देता है। शक दूर करने के लिए सामने वाले से बात करना ही सबसे अच्छा तरीका है।
दैवीय नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो तुम्हारे साथ अच्छा या बुरा करता है, उस के अनुसार वह अपने आप सुखी या दुःखी होगा। तुम उसके लिए परेशान क्यों होते हो। कोई भी व्यक्ति अपने द्वारा किए गए बुरे कामों के फल से बच नहीं सकता। चाहे वह बुरा काम समुद्र के अन्दर किया गया हो या आकाश में या धरती पर।
द्वारा--सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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